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पूछे लाल पुछक्कड़ – ५

सितम्बर 11, 2006

सारी दुनियाँ में ११ सितम्बर का दिन मानवता के इतिहास में काली स्याही से लिखा जाता है, क्यों? ना, ना सवाल यह नहीं है. लाल पुछक्कड़ चाचा को पता चला है कि जिस दिन को सारी दुनियाँ आतंकवादी कार्यवाही के लिये जानती है, उसी दिन अर्थात् ११ सितम्बर को बरसों पहले भारतमाता के दो महान सपूतों ने अलग-अलग समय विश्व को प्रेम का संदेश दिया था, अहिंसा का संदेश दिया था, आध्यात्म का संदेश दिया था. आपको बताना है कि यहाँ किन दो सपूतों की बात की जा रही है, और किस परिप्रेक्ष्य में?

आपको कोई संकेत चाहिये प्यारे भाईयों और बहनों? सोचिये और बताइये.

4 टिप्पणिया

  1. पहले मन में संशय था पर अब आपके द्वारा संकेत मिलने पर यकिन हो गया है कि एक तो विवेकानंद हैं। पर दुसरा……


  2. Mahatama Gandhi: Satyagrah aandolan


  3. दोनो जवाब दिये जा चुके हैं🙂
    स्वामी विवेकानन्द ने शिकागो में सर्व धर्म सम्मेलन में अपना व्याख्यान दिया था हिन्दू धर्म पर(१८८६ या ९६, ठीक से याद नही)
    और गाँधी जी का सत्याग्रह…दक्षिण अफ़्रिका में..


  4. Mahatama Gandhi: Satyagrah aandolan : 11 Sep, 100years has passed by….
    Swami Vivekanand: World’s Parliament of Religions, Chicago : 11 Sep,1893 (Sisters and Brothers of America…)



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