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बूझे लाल बुझक्कड़ – १

अगस्त 22, 2006

हमारी इस श्रृंखला का जिस उत्साह से आपने स्वागत किया, उसके लिये आपका हार्दिक धन्यवाद. लाल बुझक्कड़ चाचा को यह देख कर भी बेहद खु़शी हुई कि संजय जी ने बिलकुल सही जवाब दिया कि यह मानचित्र नागरिक अधिकारों की स्थिति को दर्शाता है. वैसे अधिकांश लोगों के जवाब करीब करीब सही हैं क्योंकि लोकतांत्रिक देशों में नागरिकों की स्वतंत्रता का स्तर और राजनैतिक अधिकारों कि स्थिति कुछ बेहतर है.

हमारे विचार से लोकतंत्र का अर्थ भी अलग-अलग देशों में अलग-अलग होता है, जैसे भारत का लोकतंत्र रूस या संयुक्त राज्य अमेरिका के लोकतंत्र से भिन्न है क्योंकि व्यवहारिक रूप से भारत में राष्ट्रपति से अधिक अधिकार देश की संसद को प्राप्त हैं. वैसे कुछ देशों की शासन प्रणाली लगभग भारत की ही तरह लोकतांत्रिक है पर वहां नागरिक अधिकारों की स्थिति बेहद खराब है, जैसे इराक.

यह मानचित्र ‘फ़्रीडम हाउस’ द्वारा वर्ष २००६ में, वर्ष २००५ की विश्व की नागरिक स्वतंत्रता स्थिति पर किये गये सर्वेक्षण के परिणामों को प्रदर्शित करता है. इसमें नीले रंग से प्रदर्शित देशों में नागरिक अधिकारों कि स्थिति सबसे अच्छी है और लाल रंग से प्रदर्शित देशों में सबसे खराब. ‘फ़्रीडम हाउस’ संस्था का प्रमुख उद्देश्य है विश्व में उदारपंथी लोकतंत्र को बढ़ावा देना. विश्व के प्रत्येक देश में नागरिक स्वतंत्रता की दशा के ऊपर निकलने वाली वार्षिक रिपोर्ट के लिये इस संस्था को विशेष रूप से जाना जाता है. इस रिपोर्ट के द्वारा यह संस्था विश्व के प्रत्येक राष्ट्र में नागरिक व राजनैतिक अधिकारों की दशा का आंकलन करने का प्रयास करती है.

साभार: विकिपीडिया पर फ़्रीडम हाउस का पृष्ठ

5 टिप्पणिया

  1. काम अच्छा शुरू किया है। अगली पोस्ट का इन्तज़ार है।


  2. अगला सवाल?🙂


  3. यह मानचित्र नामक पूर्व लेख के ज़रिए विकिपीडिया पर जाकर मैंने अन्य मानचित्रों का अध्ययन किया..

    http://en.wikipedia.org/wiki/List_of_indices_of_freedom पर देखें. भारत में प्रेस स्वतंत्रता नहीं है दर्शा रहा है. यह कहता है प्रेस के लिए भारत में दुरूहतम परिस्थितियां है. पाकिस्तान के समकक्ष हमें लाकर खड़ा किया है. कितना भरोसा किया जाए उस्ताद? यह तो पड़ोसी का उदाहरण है. आगे क्यूबा, अर्जेंटीना, मैक्सिको वगैरह के उदाहरणों में विरोधाभास प्रतीत हो रहा है. कृपया प्रकाश डालें.


  4. नीरज भाई, आपने बहुत अच्छा बिन्दु सामने रखा है. आप वैसे खुद पत्रकार हैं सो अंदर की बात तो आप अच्छी जानते होंगे. बाहर से तो जो सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध है उसके हिसाब से और अपनी समझ से तो हम इतना ही कह सकते हैं कि अलग-अलग संस्थायें बहुत से सर्वेक्षण कराती रहती हैं और वह सर्वेक्षण जिसमें भारत की प्रेस स्वतंत्रता को कम आंका गया है, रिपोर्टर्स विदआउट बार्डर्स नामक संस्था ने करवायी थी. फ़्रीडम हाउस के सर्वेक्षण के अनुसार भारत में प्रेस स्वतंत्रता की स्थिति कुछ बेहतर है. पर यह भी स्वीकार करना होगा कि इस प्रकार के आंकड़ों के निर्धारण में बहुत से बिन्दु, जैसे प्रेस पर राजनैतिक दबाब अथवा हस्तक्षेप इत्यादि भी ध्यान में रखे जाते हैं. क्या उस दृष्टिकोण से भारत इन मानकों पर भारत खरा उतरता है?

    और वैसे जो मानचित्र दिया गया था, वह नागरिक अधिकारों के संदर्भ में था जिसपर अधिकांश सर्वेक्षणों के अनुसार भारत की स्थिति बहुत बेहतर है.

    आप सबकी टिप्पणियों का धन्यवाद. लाल पुछक्कड़ और लाल बुझक्कड़ दोनों जल्द ही वापस होंगे.


  5. सही है, श्रंखला को जारी रखा जाये.



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