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परिचय एवं उद्देश्य

वन्दे मातरम्‘ चिट्ठा कुछ युवा चिट्ठाकारों का संयुक्त प्रयास है एक ही छद्मनाम ‘स्वाधीन‘ के परचम तले अपने विचार प्रकट करने का. यह चिट्ठा भारत और उसके भूत-वर्तमान-भविष्य के सभी पहलुओं को छूने का प्रयास करेगा. चिट्ठे में प्रकाशित आलेख सम-सामयिक भी होंगे और ऐसे विषय भी होंगे जो हमें भारत के गौरवशाली अतीत का बोध करायें. यहां यह स्पष्ट कर देना उचित होगा कि हमारा उद्देश्य आत्म-प्रवंचना न होकर अपने अतीत के बारे में ठोस तथ्यों के साथ जानकारी प्रदान करना है.

आम तर्क दिया जाता है कि हम रहे होंगे कभी सम्पन्न, पर अभी तो स्थिति खराब है. हमारा मानना है कि ऐसे तर्क हमें न सिर्फ़ निराश करते हैं, बल्कि एक सुनहरे भविष्य की नींव रखने में भी बाधक होते हैं. हमें अपने अतीत से कुछ सीखना होगा. हमें उन कारणों पर गौर करना होगा जिन्होंने हमें सम्पन्न से विपन्न कर दिया. समय के साथ हम पाश्चात्य देशों की होड़ में अपने प्राचीन ज्ञान-विज्ञान को भुला बैठे. आज कितने लोग हैं जो चरक, बौधायन, पाणिनी, भास्कराचार्य आदि नामों से परिचित हैं? मैथिलीशरण गुप्त जी ने कहा था, “हम कौन थे, क्या हो गये हैं, और क्या होंगे अभी“! हम चाहते हैं कि कम से कम गुप्त की के प्रश्न “क्या होंगे अभी“, का उत्तर सुखदायी हो और इस दिशा में, “हम कौन थे“, यह समझना आवश्यक है.

निश्चित ही इस प्रक्रिया में हमें बहुत कुछ सीखने को मिलेगा, स्वाध्याय से और आप सब से.

आपके,
स्वाधीन

(निधि, अमित, परेश, दिव्या, कनव, उमेश, सरिता, मनोजेन्दु, नूतन, कैलाशचन्द्र, विवेक)

4 comments

  1. Vandematram


  2. Pranam ,
    Likhne ke liye to main klisht hindi ka bhe prayog kar sakta tha pur..vyahvharik taur pe..woh itne sahj naheen hotii..
    Waise main sarahna karna chahoonga aap sabhe Swadheen parivar ke swatantra..sadsyon ka jhinhone yeh sarahney karya prarambh kiya hai..
    Ekk aur baat batana chooga ke aap ke beech ke eek sadasy Manyvar Kanav mahoday mere parichton mein se hai…
    Bakee sab..agle chitee mein…
    Tab tak ke liye Alvida..
    Sneh..
    Gaurav


  3. Are you from Indore? If yes, which place/ which company?


  4. keep up this spirit. You have done excellent work. Aap jaise logo ke karyon se ham sabhi gaurvanvit hote hain. Bahut sunder.



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