
पूछे लाल पुछक्कड़ – २
August 25, 2006ये लीजिये, आ गये लाल पुछक्कड़ चाचा अपने आसान से सवाल के साथ। नीचे दिये गये चित्र को देखिये। न..न..यह किसी साधारण वृद्ध पुरुष का चित्र नहीं है अपितु एक ऐसे व्यक्ति का चित्र है जिसका संपूर्ण जीवन हमें मानवता और परसेवा का संदेश देता है। अब ज़रा बूझिये तो कौन हैं ये?

बाबा आमटे
बाबा आमटे, १००%…कोई संदेह नही.
बाबा आमटे हैं।
पुछक्कड भाइयों और दीदीओं थोडा कठीन पुछा जाए तो मज़ा आए।
यह किसने कहा हम सेवा कार्य करने वालो को भुला देते हैं. देखा सब ने एक ही सुर में जवाब दिया हैं. मैं भी सुर में सुर मिलाता हूँ.
भईये बडा आसान सवाल पूछा है कुछ कठिन पूछो
ऐसा सवाल क्यों पूछा आपने जैसे कोई इन्हें जानता ही नहीं – और कोई मुशकिल सवाल पूछलेते तो हमें चोसने का टाइम मिलता
लाल पुछक्कड भीया,
सच के रिया हूँ…मैं बाकी लोगों कि तरह नहीं हुँ,
मुझे “पहले” ही से नहीं पता था कि ये कौन हैं, और मैंने कोई अपनी बुद्धि के बल पर नहीं बोल दिया कि “बाबा आमटे” हैं.
मैंने तो बहुत मेहनत की है..ढुंढने में और ये पता लगाने में कि ये तस्वीर किनकी हैं.
तो फ़स्ट प्राईझ मुझे ही मिलना चाहिये.
है कि नहीं??