हमारी इस श्रृंखला का जिस उत्साह से आपने स्वागत किया, उसके लिये आपका हार्दिक धन्यवाद. लाल बुझक्कड़ चाचा को यह देख कर भी बेहद खु़शी हुई कि संजय जी ने बिलकुल सही जवाब दिया कि यह मानचित्र नागरिक अधिकारों की स्थिति को दर्शाता है. वैसे अधिकांश लोगों के जवाब करीब करीब सही हैं क्योंकि लोकतांत्रिक देशों में नागरिकों की स्वतंत्रता का स्तर और राजनैतिक अधिकारों कि स्थिति कुछ बेहतर है.
हमारे विचार से लोकतंत्र का अर्थ भी अलग-अलग देशों में अलग-अलग होता है, जैसे भारत का लोकतंत्र रूस या संयुक्त राज्य अमेरिका के लोकतंत्र से भिन्न है क्योंकि व्यवहारिक रूप से भारत में राष्ट्रपति से अधिक अधिकार देश की संसद को प्राप्त हैं. वैसे कुछ देशों की शासन प्रणाली लगभग भारत की ही तरह लोकतांत्रिक है पर वहां नागरिक अधिकारों की स्थिति बेहद खराब है, जैसे इराक.
यह मानचित्र ‘फ़्रीडम हाउस’ द्वारा वर्ष २००६ में, वर्ष २००५ की विश्व की नागरिक स्वतंत्रता स्थिति पर किये गये सर्वेक्षण के परिणामों को प्रदर्शित करता है. इसमें नीले रंग से प्रदर्शित देशों में नागरिक अधिकारों कि स्थिति सबसे अच्छी है और लाल रंग से प्रदर्शित देशों में सबसे खराब. ‘फ़्रीडम हाउस’ संस्था का प्रमुख उद्देश्य है विश्व में उदारपंथी लोकतंत्र को बढ़ावा देना. विश्व के प्रत्येक देश में नागरिक स्वतंत्रता की दशा के ऊपर निकलने वाली वार्षिक रिपोर्ट के लिये इस संस्था को विशेष रूप से जाना जाता है. इस रिपोर्ट के द्वारा यह संस्था विश्व के प्रत्येक राष्ट्र में नागरिक व राजनैतिक अधिकारों की दशा का आंकलन करने का प्रयास करती है.
